Tuesday 28 February 2012

सोहनी के जमाने का लाईक ,शेयर , फाइन्ड फ्रेंडस और फोलोवर


बारहवीं क्लास की फेयरवेल पार्टी में सोहनी नही गयी क्योंकि उसे पार्टी ड्रेस चाहिए थी .घरेलू कपड़ों या स्कूल यूनिफार्म में जाना नही चाहती थी और उसे यह भी पता था कि इतनी जल्दी नई ड्रेस नही मिल सकती . उसने अपनी क्लास में कहा कि वह नही आएगी .
उससमय उसके पीछे की बेंच की लड़कियों में कुछ खुसर- पुसर हुई जिसका मतलब था कि फिर उमा भी नही आएगी कभी भी उमा से बात नही हुई थी पर सुनने में आया कि वह मुझे लाईक करती है ,मैं नही आऊँगी तो वह भी नही आएगी और सच में नही आयी.
उसकी क्लास टीचर का नाम मिस भट्टी था उन्होंने नोटिस लिया कि सोहनी दूसरी लड़कियों की तरह चटर -पटर नही करती है तो पूछा कि क्या मेरी कोई फ्रेंड नही है अगर ऐसा है तो आज से उन्हें अपनी फ्रेंड समझे. इस तरह उसे एक बार क्लास ६ में मिस भूटानी और क्लास १२ में मिस भट्टी टीचर ने सहेली बनाया.पर ऐसा कभी अवसर नही आया कि उन्होंने आपस में कुछ शेयर किया हो, हाँ, इससे सोहनी के आत्मविश्वास में फर्क तो जरूर पड़ा होगा.
उन दिनों राजेश खन्ना का जमाना था ,पर उसने कोई पिक्चर नही देखी थी . अपनी किताब पर न्यूज पेपर  या मैग्जीन से आकर्षक तस्वीरों वाले पेपर लेकर अपनी स्कूल की किताबों पर कवर के रूप में चढ़ाये थे ,संयोग से एक पुस्तक पर राजेश खन्ना की तस्वीर बनी हुई थी ,देखते ही क्लास में शोर मच गया कि सोहनी भी राजेश खन्ना की फॉलोवर हो गई'.  

2 comments:

  1. राजेश खन्ना ... उनके तो फालोवेर कई थे अपने जमाने में ...

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  2. समय कितना बदल गया है, आपकी यह पोस्ट पढ़कर पता चलता है, भूटानी और भट्टी मैडम ने भले ही आपसे कुछ शेयर न किया हो पर आज तक वे आपको याद हैं, मित्रता इसी को तो कहते हैं...बहुत रोचक पोस्ट!

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