Wednesday 30 May 2012

ऐसा भी होता है

शादी के पहले साल ही सोहनी के हमसफर ने दुबई की जॉब के लिये एप्लाई किया था. इंटरव्यू के लिये मुम्बई जाने लगे तो वह भी मुम्बई दर्शन के लिये साथ चली गई .दादर स्टेशन पर वे उतरे थे .उसे सामान के साथ प्लेटफार्म के बेंच पर बैठने को कहा.उन्हें दूर के किसी रिश्तेदार के घर ठहरना था ,फोन करने के  लिये हमसफर कहीं चला गया .तभी दो लडकियाँ उसके पास आकर पूछने लगीं कि कहाँ जाना है ,कहाँ ठहरोगी .उन्हें लगा कि वह घर से भाग कर मुम्बई आयी है ,किसी होटल का पता बताने लगीं जहाँ वे दोनों ठहरी थीं पर तभी उसका हमसफर आ गया ,जैसे ही पता चला कि अकेली नही है तो एकदम से नौ दो ग्यारह हो गयीं .    

1 comment:

  1. तभी कहते हैं "यह है मुम्बई मेरी जान"
    छोटी सी जिंदगी में एक इंसान को कितने-कितने अनुभव हो जाते हैं.

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